मध्य प्रदेश की जलवायु और वर्षा
परिचय
मध्य प्रदेश भारत के हृदय स्थल में स्थित एक भू-आवेष्ठित (Land Locked) राज्य है, जो भारत का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण राज्य है क्योंकि यह अत्यधिक मात्रा में वनों को और वन्यजीवों को संजोए हुए हैं। इसकी समुद्र से दूरी और भू-आवेष्ठित होने के कारण यहाँ की जलवायु 'महाद्वीपीय' प्रकार की है, जिसे विषम जलवायु भी कहा जाता है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के 14 जिलों से होकर कर्क रेखा गुजरती है, जिसके कारण यह राज्य उष्णकटिबंधीय जलवायु क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
सरल शब्दों में समझें तो 'मौसम' वायुमंडल में होने वाला अल्पकालीन परिवर्तन है, जबकि 'जलवायु' वायुमंडल की दीर्घकालीन अवस्था है।
जानें मध्य प्रदेश की जलवायु को प्रभावित करने वाले कौनसे कारक हैं-
राज्य की जलवायु मुख्य रूप से निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है:
- समुद्र से दूरी: मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति समुद्र से दूर है, जिससे यहाँ तापांतर अधिक रहता है।
- भूमध्य रेखा से दूरी: यह राज्य उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में आता है, जिससे यहाँ गर्मी अधिक होती है।
- पर्वतों की स्थिति: सतपुड़ा और विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाएं मानसून को रोककर वर्षा कराने में सहायक होती हैं।
- पठारों की अधिकता: पठारी भाग अधिक होने के कारण यहाँ की जलवायु में विविधता है।
विशेष तथ्य: चीनी यात्री फाह्यान ने चंद्रगुप्त द्वितीय के समय मालवा के पठार की जलवायु को 'विश्व की सर्वश्रेष्ठ जलवायु' कहा था।
मध्य प्रदेश में ऋतुएँ
मध्य प्रदेश में मुख्य रूप से तीन ऋतुएँ पाई जाती हैं:
1. ग्रीष्म ऋतु (उनाला)
- समय सीमा: 16 फरवरी से 15 जून तक।
- विशेषताएं: इस समय सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं। मई माह में चलने वाली गर्म हवाओं को 'लू' कहा जाता है।
- तापमान: इस ऋतु में दक्षिण से उत्तर की ओर जाने पर तापमान बढ़ता है।
- सर्वाधिक तापमान वाला माह: मई।
2. वर्षा ऋतु (चौमासा)
- समय सीमा: 16 जून से 15 अक्टूबर तक।
- मानसून: मध्य प्रदेश में मानसून दक्षिण-पश्चिम दिशा से प्रवेश करता है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों शाखाओं में वर्षा कराने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
- फसलें: यह ऋतु मध्यप्रदेश में चावल, सोयाबीन और मक्का (खरीफ फसल) जैसी फसलों के लिए लाभदायक है।
- वर्षा का दायरा: राज्य के पूर्वी भाग में सर्वाधिक वर्षा होती है, जबकि उत्तर-पश्चिम भाग में कम वर्षा होती है। वर्षा की मात्रा पूर्व से पश्चिम और दक्षिण से उत्तर की ओर घटती जाती है।
3. शीत ऋतु (सियाला)
- समय सीमा: 16 अक्टूबर से 15 फरवरी तक।
- विशेषताएं: इस मौसम में लौटने वाले मानसून या पश्चिमी विक्षोभ से हल्की वर्षा होती है, जिसे 'मावठ' कहते हैं।
- लाभ: मावठ गेहूँ, चना, सरसों और मटर (रबी फसल) के लिए बहुत बहुत लाभदायक होती है।
- सबसे ठंडा माह: जनवरी।
जलवायु के आधार पर मध्य प्रदेश का विभाजन
जलवायु की भिन्नता के आधार पर प्रदेश को पाँच भागों में बाँटा गया है:
- उत्तर का मैदान: यहाँ गर्मी अधिक और ठंड भी अधिक पड़ती है। वर्षा 50-75 सेमी तक होती है।
- मालवा का पठार: यहाँ 'सम जलवायु' पाई जाती है। न अधिक गर्मी और न अधिक ठंड। वर्षा 75 सेमी से अधिक होती है।
- नर्मदा-सोन घाटी: यहाँ गर्मी अधिक होती है लेकिन ठंड सामान्य रहती है।
- विंध्य पर्वतीय क्षेत्र: यहाँ सम जलवायु रहती है। वर्षा 50-100 सेमी के बीच होती है।
- बघेलखंड पठार: यहाँ सामान्य गर्मी और सामान्य ठंड पड़ती है। वर्षा 125 सेमी से अधिक होती है।
महत्वपूर्ण तथ्य एवं आँकड़े
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:
- सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान: पचमढ़ी, नर्मदापुरम (199 सेमी)।
- सबसे कम वर्षा वाला स्थान: गोहद, भिंड (55 सेमी)।
- औसत वर्षा: मध्य प्रदेश की औसत वर्षा 112 सेमी है।
- सर्वाधिक वर्षा वाला जिला: बालाघाट।
- सबसे कम वर्षा वाला जिला: भिंड।
- सर्वाधिक तापमान: गंजबासौदा (विदिशा) और खजुराहो (छतरपुर) में दर्ज किया गया है।
- सबसे कम तापमान वाला स्थान: शिवपुरी।
- द्वितीय गर्मी: सितंबर और अक्टूबर माह को 'द्वितीय गर्मी' कहा जाता है।
- सर्वाधिक तापांतर: मार्च माह में होता है।
प्रमुख वेधशालाएं
- जंतर-मंतर वेधशाला: उज्जैन (इसका निर्माण 1719 में जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह ने करवाया था)।
- डॉ. एस. चंद्रशेखर वेधशाला: इंदौर।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश की जलवायु विविधतापूर्ण है जो यहाँ की कृषि और जनजीवन को गहरे रूप से प्रभावित करती है। जहाँ पचमढ़ी में भारी वर्षा होती है, वहीं भिंड सूखाग्रस्त रहता है। मालवा की जलवायु सबसे सुखद मानी जाती है।
मध्यप्रदेश की जलवायु और वर्षा: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: चीनी यात्री फाह्यान ने किस क्षेत्र की जलवायु को 'विश्व की सर्वश्रेष्ठ जलवायु' कहा था?
(A) नर्मदा घाटी
(B) मालवा का पठार
(C) उत्तर का मैदान
(D) बघेलखंड का पठार
प्रश्न 2: मध्यप्रदेश में शीत ऋतु में होने वाली हल्की वर्षा को क्या कहा जाता है?
(A) उनाला
(B) चौमासा
(C) मावठ
(D) लू
प्रश्न 3: मध्यप्रदेश का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान 'पचमढ़ी' किस जिले में स्थित है?
(A) बालाघाट
(B) नर्मदापुरम
(C) रायसेन
(D) छिंदवाड़ा
प्रश्न 4: मध्यप्रदेश की जलवायु को किस वर्ग में रखा जाता है?
(A) भूमध्यरेखीय जलवायु
(B) ध्रुवीय जलवायु
(C) उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु
(D) शुष्क जलवायु
प्रश्न 5: सूर्य की किरणें सीधी पड़ने के कारण मध्यप्रदेश में ग्रीष्म ऋतु को स्थानीय रूप से क्या कहते हैं?
(A) सियाला
(B) चौमासा
(C) मावठ
(D) उनाला
प्रश्न 6: मध्यप्रदेश का सबसे कम वर्षा वाला स्थान 'गोहद' किस जिले में आता है?
(A) मुरैना
(B) ग्वालियर
(C) भिंड
(D) दतिया
प्रश्न 7: मध्यप्रदेश में 'द्वितीय गर्मी' का प्रभाव किन महीनों में देखा जाता है?
(A) मार्च-अप्रैल
(B) मई-जून
(C) सितंबर-अक्टूबर
(D) दिसंबर-जनवरी
प्रश्न 8: उज्जैन स्थित 'जंतर-मंतर' वेधशाला का निर्माण किसके द्वारा कराया गया था?
(A) महाराजा सवाई जयसिंह
(B) चंद्रगुप्त द्वितीय
(C) राजा भोज
(D) महादजी सिंधिया
प्रश्न 9: मध्यप्रदेश की वार्षिक औसत वर्षा लगभग कितनी दर्ज की गई है?
(A) 100 सेमी
(B) 112 सेमी
(C) 125 सेमी
(D) 150 सेमी
प्रश्न 10: समुद्र से दूरी और भू-आवेष्ठित होने के कारण मध्यप्रदेश की जलवायु किस प्रकार की है?
(A) तटीय जलवायु
(B) महाद्वीपीय जलवायु
(C) ध्रुवीय जलवायु
(D) विषुवतीय जलवायु
उत्तर तालिका
1. (B) मालवा का पठार
2. (C) मावठ
3. (B) नर्मदापुरम
4. (C) उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु
5. (D) उनाला
6. (C) भिंड
7. (C) सितंबर-अक्टूबर
8. (A) महाराजा सवाई जयसिंह
9. (B) 112 सेमी
10. (B) महाद्वीपीय जलवायु
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