| बाँध का नाम | नदी | ज़िला | मुख्य विशेषताएँ |
| इंदिरा सागर बाँध - पुनासा बाँध |
नर्मदा | खण्डवा | मध्य प्रदेश की सबसे अधिक विद्युत उत्पादन क्षमता (1000 MW)। भारत का सबसे बड़ा मानव-निर्मित जलाशय क्षेत्र। |
| सरदार सरोवर बाँध | नर्मदा | गुजरात (केवड़िया) | म.प्र., गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान की संयुक्त परियोजना। विश्व के सबसे बड़े कंक्रीट ग्रेविटी बाँधों में से एक। |
| तवा बाँध | तवा नदी | नर्मदापुरम | मध्य प्रदेश की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक। तवा जलाशय सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला के पास। |
| बरगी बाँध (रानी अवंतीबाई सागर) |
नर्मदा | जबलपुर | नर्मदा पर बना पहला प्रमुख बहुउद्देशीय बाँध। जलविद्युत क्षमता 105 MW। |
| महेश्वर बाँध | नर्मदा | खरगौन | निजी क्षेत्र में निर्मित होने वाली पहली बड़ी जलविद्युत परियोजना। प्रस्तावित क्षमता लगभग 400 MW। |
| ओंकारेश्वर बाँध | नर्मदा | खण्डवा / खरगौन | इंदिरा सागर बाँध के डाउनस्ट्रीम स्थित। जलविद्युत क्षमता 520 MW। विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट प्रस्तावित। |
| बाँध का नाम | नदी | ज़िला / राज्य | मुख्य विशेषताएँ |
| गांधी सागर बाँध | चम्बल | मंदसौर | यह चम्बल नदी घाटी परियोजना का पहला बाँध है और म.प्र. में स्थित है। |
| राणा प्रताप सागर बाँध | चम्बल | चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) | यह जल भंडारण क्षमता के मामले में सबसे बड़ा है। |
| जवाहर सागर बाँध | चम्बल | कोटा (राजस्थान) | यह एक पिकअप बाँध (Pickup Dam) है, जो विद्युत उत्पादन के लिए जल को नियंत्रित करता है। |
| कोटा बैराज | चम्बल | कोटा (राजस्थान) | इसका उपयोग मुख्य रूप से सिंचाई के लिए नहरें निकालने हेतु किया जाता है। |
| बाँध का नाम | नदी | स्थान | परियोजना का भाग |
| बाणसागर बाँध | सोन नदी | देवलोंद शहडोल |
म.प्र., उ.प्र., और बिहार की संयुक्त सोन नदी घाटी परियोजना का मुख्य बाँध। |
| राजघाट बाँध | बेतवा नदी | भोजपुर रायसेन |
म.प्र. और उ.प्र. की संयुक्त बेतवा नदी घाटी परियोजना का हिस्सा। इसे रानी लक्ष्मी बाई बाँध भी कहते हैं। |
| माताटीला बाँध | बेतवा नदी | ललितपुर उत्तरप्रदेश |
बेतवा परियोजना के तहत निर्मित, यह भी रानी लक्ष्मी बाई बाँध का ही एक नाम है। |
| संजय सरोवर बॉंध भीमगढ़ |
वैनगंगा नदी | सिवनी | एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बाँध माना जाता है। |
| माधवी बांध सुवारा | केन नदी | दौधन पन्ना/ छतरपुर |
केन-बेतवा लिंक परियोजना की मुख्य संरचना। |
| जलप्रपात | नदी | ज़िला/स्थान | ऊँचाई और विशेषता |
| बहुटी जलप्रपात | सेलर नदी (बीहड़ की सहायक) | मऊगंज (रीवा) | 198 मीटर। यह म.प्र. का सबसे ऊँचा जलप्रपात है। |
| चचाई जलप्रपात | बीहड़ नदी | रीवा | 130 मीटर। यह कभी म.प्र. का सबसे ऊँचा जलप्रपात था। |
| धुआंधार जलप्रपात | नर्मदा नदी | भेड़ाघाट, जबलपुर | जल की बूंदों से धुएँ जैसा दृश्य बनता है। अपने संगमरमर की चट्टानों के लिए प्रसिद्ध है। |
| कपिलधारा व दुग्धधारा | नर्मदा नदी | अमरकंटक | ये नर्मदा नदी पर उद्गम स्थल से थोड़ी दूरी पर बने हैं और धार्मिक दृष्टि से पवित्र माने जाते हैं। |
| पाण्डव जलप्रपात | केन नदी | पन्ना राष्ट्रीय उद्यान | यह पांडवों से जुड़ी एक पौराणिक स्थल है। |
| रजत (सिल्वर) फॉल | अप्सरा विहार/हड्डी खोह | पचमढ़ी | यहाँ जल बहुत ऊँचाई से गिरकर चाँदी की तरह चमकता है। |
| सहस्त्रधारा | नर्मदा नदी | महेश्वर (खरगौन) | यहाँ पानी की धाराएँ कई हिस्सों में बँटकर गिरती हैं, जिससे 'हजारों धाराएँ' जैसा दृश्य बनता है। |
| राहतगढ़ (भालकुण्ड) | बीना नदी | सागर | गढ़पहरा (Rahatgarh) किले के पास स्थित एक प्राकृतिक जलप्रपात। |
प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञ UPSC और MPPSC परीक्षाओं के लिए कंटेंट लेखन में 10 वर्षों का अनुभव है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश के विषयों पर विशेषज्ञता रखते हैं, लेखक का लक्ष्य कठिन तथ्यों को सटीक और सरल भाषा में छात्रों तक पहुँचाना है।
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