भारतीय संविधान सभा: गठन, मांग और निर्माण प्रक्रिया
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। अरस्तु को राजनीति विज्ञान का जनक माना जाता है। राजव्यवस्था का अर्थ राज्य और व्यवस्था का संमिश्रण है, जिसके चार मुख्य आधार होते हैं: भू-भाग, जनसंख्या, सरकार और संप्रभुता। आज के इस ब्लॉग में हम आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए नोट्स के आधार पर भारतीय संविधान के निर्माण, संविधान सभा की मांग, गठन और इसकी कार्यप्रणाली का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
संविधान क्या है?
संविधान नियमों और कानूनों का वह समूह है जिसके द्वारा किसी देश का शासन चलाया जाता है। संविधान दो प्रकार के होते हैं:
- लिखित संविधान: इसमें सारे नियम एक ही दस्तावेज (कॉपी) के अंदर लिखे होते हैं। उदाहरण के लिए भारत और अमेरिका का संविधान। भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसमें मूल रूप से 395 अनुच्छेद और लगभग 1.50 लाख शब्द हैं। वहीं, अमेरिका का संविधान सबसे छोटा लिखित संविधान है, जिसमें केवल 7 अनुच्छेद हैं।
- अलिखित संविधान: इसमें अलग-अलग नियमों के लिए अलग-अलग दस्तावेज होते हैं। ब्रिटेन, कनाडा, इजराइल, सऊदी अरब और न्यूजीलैंड जैसे देशों में अलिखित संविधान है। मोनाको का संविधान शब्दों के आधार पर सबसे छोटा है।
संविधान सभा की मांग:
भारत में संविधान सभा की मांग एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम थी। इसे हम दो भागों में देख सकते हैं: अनौपचारिक और आधिकारिक मांग।
अनौपचारिक मांग:
- सर्वप्रथम 1895 में बाल गंगाधर तिलक ने संविधान सभा के विचार का संकेत दिया था।
- दादा भाई नौरोजी ने 1885 में 'स्वराज' शब्द का प्रयोग किया।
- 1922 में महात्मा गांधी ने अपने समाचार पत्र 'यंग इंडिया' में कहा कि भारत का संविधान भारतीयों की इच्छा अनुसार होगा।
- 1924 में मोतीलाल नेहरू ने भी संविधान सभा की मांग रखी।
आधिकारिक मांग:
- 1934 में एम.एन. रॉय (मानवेंद्र नाथ राय) ने पहली बार औपचारिक रूप से संविधान सभा के गठन का विचार रखा।
- 1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने आधिकारिक रूप से संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा की मांग की।
- 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने घोषणा की कि स्वतंत्र भारत का संविधान वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनी गई संविधान सभा द्वारा बनाया जाएगा और इसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं होगा।
ब्रिटिश सरकार की प्रतिक्रिया और मिशन
अंग्रेजों ने भारतीय मांगों को द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) के दबाव के कारण मानना शुरू किया:
- अगस्त प्रस्ताव (1940): ब्रिटिश सरकार ने पहली बार नेहरू की मांग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया।
- क्रिप्स मिशन (1942): सर स्टैफोर्ड क्रिप्स एक प्रारूप प्रस्ताव के साथ भारत आए। इसमें कहा गया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संविधान अपनाया जाएगा। लेकिन मुस्लिम लीग ने इसे अस्वीकार कर दिया क्योंकि वे भारत को दो हिस्सों में बांटना चाहते थे। गांधीजी और कांग्रेस ने भी इसे अस्वीकार कर दिया।
- कैबिनेट मिशन (1946): अंततः 1946 में कैबिनेट मिशन भारत आया। इसमें पैथिक लॉरेंस, स्टैफोर्ड क्रिप्स और ए.वी. एलेक्जेंडर शामिल थे। इसने दो संविधान सभाओं (पाकिस्तान की अलग मांग) को ठुकरा दिया लेकिन ऐसी योजना रखी जिससे मुस्लिम लीग काफी हद तक संतुष्ट हुई।
संविधान सभा का गठन और संरचना
कैबिनेट मिशन योजना के तहत नवंबर 1946 में संविधान सभा का गठन हुआ।
- कुल सीटें: 389 तय की गईं।
- सीटों का विभाजन: 296 सीटें ब्रिटिश भारत के लिए और 93 सीटें देशी रियासतों के लिए थीं।
- आधार: प्रत्येक 10 लाख की जनसंख्या पर एक सीट आवंटित की गई।
- चुनाव: जुलाई-अगस्त 1946 में चुनाव हुए। इसमें कांग्रेस को 208, मुस्लिम लीग को 73 और अन्य को 15 सीटें मिलीं। देशी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन वहां के राजाओं द्वारा मनोनीत किया जाना था।
अंतरिम सरकार (1946)
स्वतंत्रता से पूर्व 2 सितंबर 1946 को अंतरिम सरकार का गठन हुआ। इसके सदस्य वायसराय की कार्यकारिणी परिषद के सदस्य थे और जवाहरलाल नेहरू परिषद के उपाध्यक्ष थे। प्रमुख विभाग इस प्रकार थे:
- जवाहरलाल नेहरू: राष्ट्रमंडल संबंध तथा विदेशी मामले
- सरदार वल्लभभाई पटेल: गृह, सूचना एवं प्रसारण
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद: खाद्य एवं कृषि
- जॉन मथाई: उद्योग एवं नागरिक आपूर्ति
- जगजीवन राम: श्रम
- सरदार बलदेव सिंह: रक्षा
- लियाकत अली खाँ: वित्त
- सी. राजगोपालाचारी: शिक्षा एवं कला
संविधान सभा की कार्यप्रणाली
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। इसमें सबसे बुजुर्ग सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया। मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया।
- दूसरी बैठक (11 दिसंबर 1946): डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष और एच.सी. मुखर्जी को उपाध्यक्ष चुना गया। बी.एन. राव को संवैधानिक सलाहकार नियुक्त किया गया।
- तीसरी बैठक (13 दिसंबर 1946): जवाहरलाल नेहरू ने 'उद्देश्य प्रस्ताव' पेश किया, जिसे 22 जनवरी 1947 को स्वीकार कर लिया गया। यही आगे चलकर संविधान की प्रस्तावना का आधार बना।
स्वतंत्रता और विभाजन का प्रभाव
3 जून 1947 को माउंटबेटन योजना आई, जिसके तहत भारत और पाकिस्तान का विभाजन तय हुआ। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 पारित हुआ। विभाजन के बाद संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 से घटकर 299 रह गई।
संविधान निर्माण की समितियां
संविधान निर्माण के लिए कई प्रमुख समितियां बनाई गईं:
- संघ शक्ति समिति और संघीय संविधान समिति: जवाहरलाल नेहरू
- प्रांतीय संविधान समिति और सलाहकार समिति: सरदार वल्लभभाई पटेल
- संचालन समिति और प्रक्रिया नियम समिति: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- प्रारूप समिति (Drafting Committee): यह सबसे महत्वपूर्ण समिति थी। इसका गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ। इसके अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे। इसमें कुल 7 सदस्य थे:
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर (अध्यक्ष)
- एन. गोपालस्वामी आयंगर
- अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
- डॉ. के.एम. मुंशी
- सैयद मोहम्मद सादुल्लाह
- एन. माधव राव (बी.एल. मित्र के स्थान पर)
- टी.टी. कृष्णमाचारी (डी.पी. खेतान की मृत्यु के बाद)
संविधान का निर्माण और वाचन
संविधान को तैयार करने में कुल 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन का समय लगा। इस पर लगभग 64 लाख रुपये का खर्च आया। संविधान के तीन वाचन (Reading) हुए:
- प्रथम वाचन: 4 नवंबर 1948 से 9 नवंबर 1948 तक।
- द्वितीय वाचन: 15 नवंबर 1948 से 17 अक्टूबर 1949 तक (सबसे लंबा)।
- तृतीय वाचन: 14 नवंबर 1949 से 26 नवंबर 1949 तक।
अंगीकरण और लागू होना
26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान को अंगीकृत (Adopt) किया। इसी दिन 284 सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर किए। 26 नवंबर को इसीलिए 'संविधान दिवस' (2015 से शुरू) के रूप में मनाया जाता है। हालांकि, संविधान पूर्ण रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई थी, जिसमें डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया।
महत्वपूर्ण तथ्य और विवरण
- मूल संविधान: इसमें 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं। (वर्तमान में गणना की दृष्टि से भाग 25 और अनुसूचियां 12 हैं)।
- लेखन (Calligraphy): संविधान को अपने हाथों से प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने इटैलिक शैली में लिखा था।
- सजावट: शांति निकेतन के कलाकारों नंदलाल बोस और राममनोहर सिन्हा ने इसे सजाया।
- प्रतीक: संविधान सभा का प्रतीक (मुहर) 'हाथी' था।
- महिला सदस्य: संविधान सभा में कुल महिलाओं की संख्या 15 थी। इनमें सरोजिनी नायडू, सुचिता कृपलानी, विजयलक्ष्मी पंडित, राजकुमारी अमृता कौर (स्वतंत्र भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री), हंसा मेहता, दुर्गा बाई देशमुख, बेगम एजाज रसूल (एकमात्र मुस्लिम महिला) आदि प्रमुख थीं।
स्वतंत्र भारत का पहला मंत्रिमंडल (1947)
स्वतंत्रता के बाद विभागों में कुछ बदलाव हुए:
- जवाहरलाल नेहरू: प्रधानमंत्री, विदेशी मामले
- सरदार पटेल: गृह और सूचना प्रसारण
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद: खाद्य एवं कृषि
- मौलाना अबुल कलाम आजाद: शिक्षा
- डॉ. जॉन मथाई: रेलवे एवं परिवहन
- आर.के. शनमुखम चेट्टी: वित्त
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर: विधि (कानून)
- जगजीवन राम: श्रम
- सरदार बलदेव सिंह: रक्षा
- राजकुमारी अमृता कौर: स्वास्थ्य
- सी.एच. भाभा: वाणिज्य
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: भारत में संविधान सभा के गठन का विचार वर्ष 1934 में पहली बार किसने रखा था?
(A) जवाहरलाल नेहरू
(B) एम.एन. रॉय
(C) सरदार पटेल
(D) डॉ. बी.आर. अंबेडकर
प्रश्न 2: 1946 में बनी अंतरिम सरकार में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पास कौन सा विभाग था?
(A) रक्षा
(B) विदेश मामले
(C) खाद्य एवं कृषि
(D) वित्त
प्रश्न 3: संविधान सभा की पहली बैठक कब आयोजित की गई थी?
(A) 26 जनवरी 1950
(B) 15 अगस्त 1947
(C) 9 दिसंबर 1946
(D) 11 दिसंबर 1946
प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन प्रारूप समिति (Drafting Committee) का सदस्य नहीं था?
(A) डॉ. के.एम. मुंशी
(B) अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
(C) टी.टी. कृष्णमाचारी
(D) जवाहरलाल नेहरू
प्रश्न 5: भारतीय संविधान को बनाने में कुल कितना समय लगा?
(A) 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन
(B) 3 वर्ष, 1 माह, 10 दिन
(C) 2 वर्ष, 10 माह, 8 दिन
(D) 4 वर्ष
प्रश्न 6: संविधान सभा ने 'उद्देश्य प्रस्ताव' को कब सर्वसम्मति से स्वीकार किया?
(A) 13 दिसंबर 1946
(B) 22 जनवरी 1947
(C) 3 जून 1947
(D) 26 नवंबर 1949
प्रश्न 7: मूल भारतीय संविधान को अपने हाथों से (सुलेखन) किसने लिखा था?
(A) नंदलाल बोस
(B) बी.एन. राव
(C) प्रेम बिहारी नारायण रायजादा
(D) श्यामा प्रसाद मुखर्जी
प्रश्न 8: संविधान सभा में कुल महिला सदस्यों की संख्या कितनी थी?
(A) 10
(B) 12
(C) 15
(D) 20
प्रश्न 9: 'प्रांतीय संविधान समिति' के अध्यक्ष कौन थे?
(A) जवाहरलाल नेहरू
(B) सरदार वल्लभभाई पटेल
(C) डॉ. बी.आर. अंबेडकर
(D) जे.बी. कृपलानी
प्रश्न 10: भारतीय संविधान को कब अंगीकृत (Adopt) किया गया था?
(A) 26 जनवरी 1950
(B) 26 नवंबर 1949
(C) 15 अगस्त 1947
(D) 24 जनवरी 1950
उत्तर माला:
- (B)
- (C)
- (C)
- (D)
- (A)
- (B)
- (C)
- (C)
- (B)
- (B)
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